अध्याय 237

कैरोलाइन ने दरवाज़ा खोला और एकदम ठिठक गई।

किसी ने जैसे उसके घर के बाहर की एंट्री को कागज़ों का कब्रिस्तान बना दिया हो—छोटे-छोटे नोट और कार्ड हर तरफ बिखरे पड़े थे।

उसका पहला ख़याल आया: क्या अब एजेंट लोग लग्ज़री बिल्डिंग्स में भी ऐसे निशाना साधने लगे हैं?

उलझन में उसने झुककर यूँ ही एक पर्ची उठाई। ल...

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